उत्तराखंड मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना 2022 ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना 2022 | Mukhyamantri Ghasyari Kalyan Yojana Online Registration | | MGKY Benefits & Application Form | मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ऑनलाइन आवेदन | मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना एप्लीकेशन फॉर्म

भारत देश उत्तराखण्ड की राज्य सरकार जल्द ही एक मुख्यम्नत्री घसियारी कल्याण योजना (MGKY) 2022 को शुरु करने जा रही है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत पर्वितए छेत्रो में निवास करने वाली महिलाओ को लाभान्वित किया जायेगा। इस योजना की घोषणा मुख्यम्नत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की थी,जिसको बाद में कैबिनेट ने इसको पुरे राज्य में लागु कर दिया है। अब बहुत सरे लोग यही सोच रहे होंगे की  CM Ghasyari Kalyan Yojna किया और इसका लाभ कैसे ले सकते है। तो यहाँ हम आपको मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना से जुडी पूरी जानकारी आपको प्रदान करेंगे। जैसे योजना का लाभ किन महिलाओ को मिलेगा,आवश्यक दस्तवेज एवं,योजना हेतु एवं आवेदन पंजीकरण प्रक्रिया आदि।

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana 2022

उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत  8871 केंद्र सरकार के द्वारा पर्वतीय छेत्रो में ग्रामीण क्षेत्रों के पशुओ के लिए चारे की आपूर्ति की जाएगी। इन छेत्रो में पशुपालको को पैक्ड सिलेज और कुल मिश्रण राशन प्रदान कराया जायेगा। सीएम घस्यारी कल्याण योजना (MGKY) उत्तराखण्ड महिलाओ के लिए एक बड़ी राहत से होगी,जिन महिलाओ को जंगल से चारा इक्कट्ठा करते वक़्त कस्ट एवं खतरों का सामना करना पड़ता है। उत्तराखंड की जो महिलाये जंगल से खास या चारा लेकर आती है उनको क्षेत्रीय भाषा में “घस्यारी के नाम से पुकारा जाता है। इसलिए योजना का लाभ इन महिलाओ को मिलेगा।

इस योजना के अंतर्गत पशुओ के लिए पौष्टिक एवं गुणवत्ता युक्त चारा उपलब्ध करवाया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्र की कृषकों की पशुपालन की रूचि भी इस योजना के अंतर्गत आगे बढ़ेगी। यह योजना पशुओ के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पशुपालको की आय में वृद्धि भी इस योजना के माध्यम से की जा सकती है।

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मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का उद्देश्य

जैसे की हम सब जानते है की इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुओ के लिए पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त चारा उपलब्ध करवाना है। जिससे की दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी आ सकता है। उत्तराखंड सरकार के द्वारा इस योजना के माध्यम से पर्वतीय कृषक पशुपालन की तरफ आकर्षित हो सकेंगे। प्रदेश के नागरिक को अब अपने पशु के लिए चारा लाने के लिए कही पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। क्योकि अब पशुओ के लिए सरकार के द्वारा चारा उपलब्ध करवाया जायेगा। ऐसे नागरिको के समय के भी बचत होगी साथ ही पशुओ स्वास्थ्य भी सही होगी। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना पशुपालकों के आय में वृद्धि करने में कारगर साबित होगी। इसी के साथ पशुपालको के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

Ghsiyari-Kalyan-2022

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के लिए कैबिनेट की मंजूरी

यूके के मुख्यम्नत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्ष वाली बैठक समिति में 25 फरवरी 2021 इस घस्यारी कल्याण योजना को लागु किया है। इस योजना को मंज़ूरी कैबिनेट बैठक में लिए गए सात अहम फैसला लिया गया था। विधानसभा सत्र के द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। कैबिनेट बैठक के बाद कोई भी मीडिया कॉन्फ्रेंस कॉल नहीं की थी। और इसके साथ कई अन्य राज्यों में इसकी चर्चा भी की गई थी। प्रदेश में लगातार बढ़ते क़दम और कोरोना के चलते कोरोना काल में हुए आर्थिक नुकसान के बारे में भी कई  ठोस क़दम उठाने का निर्णय लिया गया है।

Overview of CM Ghasyari Kalyan Yojana

योजना का नाम
मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना
शुरू की गयी उत्तराखंड के सीएम Trivendra Singh Rawat जी द्वारा
घोषणा की गयी 25 फरवरी 2021
मुख्य लाभ पशुपालकों को पैक्ड सिलेज चारा
उद्देश्य उत्तराखंड की राज्य  महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
लाभार्थी पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाली घस्यारी महिलाएं
आर्टिकल श्रेणी राज्य सरकार योजना
आधिकारिक वेबसाइट N/A
उत्तराखंड घसियारी कल्याण योजना का क्रियान्वयन

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana (MGKY)-उत्तराखंड कैबिनेट ने अगले वित्तीय वर्ष में 17:5 करोड़ मंज़ूरी दे दी गयी है। उत्तराखंड की राज्य सरकार ने पहले ही मक्का की सहकारी खेती की व्यवस्था की है,जिसके द्वारा लाभार्थियों को इसकी आपूर्ति के साथ साथ सिलेज और टीएमआर के सुविधा मिलती है। रावत सरकार के द्वारा इस योजना क तहत पशु चारे 4रुपए प्रतिग्राम में देने का इरादा है।

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना 2021 की मुख्य विशेषताएं
  • योजना के तहत महिलाओ को चार पट्टी के लिए जंगल जाने की अब जरुरत नहीं है ,जिसके तहत जानवरो का  पौष्टिक भोजन सब्सिडी के दर पर दिया जायेगा।
  • उत्तराखंड के ग्रामीण छेत्र एवं  पहाड़ी क्षेत्रों में पशुधन किसान उनके घर पर पैकेज साइलेन्स दिया जायेगा।
  • महिलाओ को रियाती दरों पर सिलेज और टीएमआर फीड ब्लॉक देकर चारो के कार्य से मुक्त कराया जायेगा।
  • पशुओ को चारे के लिए जंगल में घूमना फिरना नहीं पड़ेगा।
  • पशु स्वास्थ्य और दूध की उपज में दोहरा लाभ होगा।
  • 2500 से अधिक किसानो की उनकी ज़मीन 2000 अकड़ से अधिक मक्का की सामूहिक सहकारी खेती से जोड़ा जायेगा। मक्का उगाने वाले किसानो को उचित मूल्य प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।
  • मवेशी भी अपने पशुओ के लिए पोस्टिक चारा प्राप्त करेंगे और इसके साथ ही महिलाओ के सर से बोज काम हो जायेगा।
महिलाओं को जंगल में चारा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा

उत्तराखंड के सीएम  त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने पति की भूमि में महिलाओ को सह-लेहखार बनाने की मंज़ूरी दी गयी थी। पर्वतीय छेत्रो का अर्थशत्र्त इर्द गिर्द घूमता था। महिलाओ को चारे के लिए दिन भर जंगल भटकना और सुबह साम के लिए लकड़ी को इक्कट्ठा करना एक बड़ी समस्या थी..एवं जंगल के रस्ते जानवरो का कभी कभी हमला और कभी कभी पहाड़ी से गिरने का दर लगा रहता है इन सब का दर होता है।

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में अन्य निर्णय

देश के राज्य कैबिनेट मिनिस्टर निजी सहयता प्राप्त संस्कृति स्कूल,एवं कॉलेजजो में 67शिक्षकों को प्रदान करने के लिए मंज़ूरी दे दी गई है। जल मेशन के प्रभावी के लिए दो पदों  अतिरिक्त परियोजना निदेशक (तकनीकी) और अधीक्षण अभियंता को मंज़ूरी दे दी है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने हरिद्वार में 60 आईसीयू वाले बेड को COVID-19 रोगी उपचारियो के लिए 600 बेड हॉस्पिटल को मंज़ूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

अगर आप भी इस मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते है तो अभी थोड़े वक़्त का इंतज़ार करना होगा। केवल अभी सरकार के द्वारा इस योजना को शुरु करने की घोषणा की गई है। जल्द ही सरकार के द्वारा इस योजना से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी। जैसे ही सरकार के द्वारा इस योजना से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी तो हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से आवेदन करने से संबंधित कोई भी जानकारी आती है तो आपको हम जरूर बताएंगे। यदि आप इस मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है तो आपसे निवेदन है की आप हमारे इस लेख से जुड़े रहे।

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